Hindi poem कोरोना से डरना नहीं ( कविता )

 कोरोना से डरना नहीं 

डरना नहीं रुकना नहीं
महामारी है ये 
डाराती है ये 
आंखें दिखती है
डर के नहींडट के सामना करना है,

Hindi poem

समय का पाईया है
वापस सब वैसा होगा जैसा था कभी,

कुछ समय की बात है 
घबराना नहीं, रुकना नहीं
चलते जाना है,

मंजिल दूर जरूर है
लेकिन एक दिन तो मंजिल मिल जानी है,

घबरा के नहीं 
शूर वीर की तरह लड़ जाना है
सब्र तू कर एक दिन सब सही हो जाना है!

Post a Comment

Previous Post Next Post